इंदिरापुरम अग्निकांड: सोसायटी के पार्क ने रोकी दमकल की राह, हाइड्रोलिक सिस्टम हुआ फेल

इंदिरापुरम अग्निकांड: सोसायटी के पार्क ने रोकी दमकल की राह, हाइड्रोलिक सिस्टम हुआ फेल

Indirapuram fire: Society park blocks fire brigade path

Indirapuram fire: Society park blocks fire brigade's path

गाजियाबाद। इंदिरापुरम की गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में लगी भीषण आग को बुझाने में दमकल विभाग को पसीने छूट गए। सोसायटी का पार्क ही फायर फाइटर्स की राह को रोके रहा। अंत में थक-हारकर कर्मियों ने सोसायटी में अग्निकांड जैसी परिस्थिति से निपटने के लिए किए गए इंतजाम की मदद से लपटों पर काबू पाया। इस बीच दो बुजुर्गों के फेंफड़े में धुंआ भर गया, जिससे उनकी जान को खतरा हो गया।


तीन घंटे तक धधकती रही आग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे के करीब इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में अचानक आग लग गई। आग की चपेट में आने से चार फ्लोर के 6 फ्लैट में लपटें उठने लगीं।

 

इस आग से इतना धुआं उठा जिसे दो किलोमीटर दूर से भी देखा जा सकता था। सूचना मिलते ही दमकल विभाग समेत अन्य टीमें बचाव के लिए मौके पर पहुंचीं। 11 बजे तक आग बुझाई जा सकी। साढ़े 12 बजे तक कूलिंग का काम किया गया।


इंदिरानगर की आग बुझाने में क्यों हुई देरी?

घटनास्थल पर पहुंचने के साथ ही दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने की कवायद तेज रफ्तार में शुरू कर दी। मगर उनकी राह का रोड़ा बन गया सोसायटी का पार्क।

पार्क के कारण दमकम कर्मियों का हाइड्रोलिक सिस्टम वहां तक नहीं पहुंच पा रहा था, जहां से आग को बुझाया जा सके।

सारी कोशिशें बेकार जाती रहीं। इधर सोसायटी में रहने वालों की धड़कनें तेज हो रही थीं। उधर, आग की ज्वाला और तेज से भड़कती जा रही थी। इस दमकल कर्मियों की सारी कवायद बेकार जा रही थीं।

अंत में बिल्डिंग में मौजूद फायर सेफ्टी सिस्टम आया काम

आग बुझाने के लिए मंगाए गए दो हाइड्रोलिक सिस्टम पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहे थे क्योंकि पार्क के चलते वह बिल्डिंग के समीप नहीं जा पा रहे थे। इसी बीच दमकल कर्मचारियों ने एक बीच का रास्ता निकाला।

 

उन्होंने आनन-फानन में सोसायटी में आग लगने के समय बचाव के लिए किए गए इंतजाम का सहारा लिया। इसमें स्थानीय लोगों ने भी मदद की। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। 


किसके फ्लैट में सबसे पहले लगी आग?

स्थानीय लोगों के अनुसार, नौवें फ्लोर पर कमल पालीवाल अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनके ही फ्लैट में सबसे पहले आग लगी थी। कमल पालीवाल राजा मानसिंह के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। इसके बाद आग ऊपर की तरफ बढ़ती चली गई।

कमल के यहां पिछले पांच साल से लकड़ी का काम करवाया जा रहा है। सोसायटी वाले कई बार कर लकड़ी का लगातार काम होने से परेशानी की शिकायत कर चुके थे। आग लगने का कारण एसी में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि, अभी मामले की जांच के बाद ही सबकुछ स्पष्ट हो सकेगा।


20 लोगों की बचाई गई जान

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस भीषण अग्निकांड में पांच फ्लोर के आठ फ्लैट धधक रहे थे। दमकल विभाग ने करीब 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। धुएं में दम घुटने के कारण एक महिला समेत दो बुजुर्गों को अस्पताल में भर्ती तक कराना पड़ा। फिलहाल, दोनों बुजुर्ग खतरे से बाहर बताये जा रहे हैं।

वहीं, मेडिकल कैंप में 13 लोगों ने उपचार कराया। किसी को धुएं से सांस लेने में परेशानी हो रही थी तो कोई अग्निशमन यंत्र का शीशा तोड़ते हुए घायल हो गया था।


इस दौरान आठवीं मंजिल पर रहने वाले अजय शर्मा ने नौवीं मंजिल पर पहुंचकर सोसायटी के अग्निशमन यंत्र से पानी डालकर किया आग बुझाने का प्रयास। बाद में दमकल की टीम ने आग पर काबू पाया।

इमारतों के निर्माण में सुरक्षा से समझौते पर सवाल

इस अग्निकांड ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि जब ऐसी इमारतों को प्लानिंग की जा रही होती है तो वहां उन छोटी बातों का ख्याल क्यों नहीं रखा जाता, जिनसे हादसों पर काबू पाने में दिक्कत होती है।

पार्क और इमारत के बीच की दूरी कुछ ऐसी होनी चाहिये ताकि हाइड्रोलिक सिस्टम की पहुंच आसानी से हो सके। साथ ही, इमारतों में जब फायर सेफ्टी की पूरी व्यवस्था की जाती है तो उसे समय आने पर इस्तेमाल करने के लिए लोगों को प्रशिक्षित क्यों नहीं किया जाता?


सीएम योगी ने लापरवाही न करने की दी नसीहत

गाजियाबाद के इंदिरापुरम की गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में भीषण आग लगने की घटना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश देते हुए राहत कार्य में तेजी लाने के लिए कहा। सीएम योगी ने कहा कि मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सीएम योगी ने पुलिस कमिश्नर, डीएम को भी मौके पर पहुंचने के निर्देश जारी किए। कुछ ही देर में एसडीआरएफ, प्रशासन, पुलिस, नगर निगम के अधिकारियों समेत डीएम, एडीएम, एसडीएम एवं एडिशनल सीपी भी घटनास्थल पर पहुंचे नजर आए।